प्रवासी मजदूरों को अपने गांव में ही मिलेगा रोजगार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने किए ये बड़े ऐलान…

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नई दिल्ली (एजेंसी)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को गरीब कल्याण रोजगार अभियान योजना के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कोरोना संकट के दौरान देश में लगे लॉकडाउन में प्रवासी मजदूर शहर छोड़कर अपने गांव चले गए. 6 राज्यों के 116 जिलों में सबसे ज्यादा प्रवासी मजदूर शहरों से लौटे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य ने इन श्रमिकों की स्किल की मैपिंग की है. अब पीएम खगडिय़ा जिले से रोजगार अभियान शुरू कर रहे हैं. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20 जून को गरीब कल्याण रोजगार अभियान योजना लॉन्च करेंगे. सीतारमण ने कहा कि ये अभियान 125 दिन चलेगा. जल जीवन मिशन योजना, आवास योजना जैसी योजनाओं पर काम किया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि हमने 25 तरह के काम तय किए हैं जो लोगों को दिए जाएंगे.

निर्मला सीतारमण ने कहा कि श्रमिक 125 दिनों में वहां प्रोजेक्ट पर काम करेंगे. उनके स्किल से हम कुंआ खोदना, सड़क बनाना, पंचायत बिल्डिंग बनाना जैसे एसेट बनाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जोजी रोटी का ख्याल रखेगी. उन्होंने कहा कि गरीब कल्याण रोजगार अभियान में 125 दिनों में सरकार की करीब 25 योजनाओं को एक साथ लाया जाएगा और इन 125 दिनों में हर योजना को उसके उच्चतम स्तर पर लेकर जाएंगे. जिन जिलों में ज्यादा श्रमिक लौटे हैं उनमें सरकार की इन 25 योजनाओं में जिसको भी काम की जरूरत है उसे काम दिया जाएगा।

50 हजार करोड़ रुपये की लागत से शुरू की जा रही इस योजना के तहत कामगारों को 25 प्रकार के काम दिये जायेंगे. जिन राज्यों को इस योजना से फायदा होगा उसमें बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, झारखंड और ओडिशा शामिल हैं. इसका फायदा 25 हजार प्रवासी मजदूरों को मिलने का दावा किया जा रहा है. सरकार का दावा है कि मजदूरों की स्किल मैपिंग की गई है.

 


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