महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित हजारा फाल जो छत्तीसगढ़वासियों के मन को मोह लेता है अपनी प्रकृतिक सुंदरता के बलबूते पर?

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दुर्ग (उज्ज्वल प्रभात)। हजारा फाल एक ऐसी मनमोहक और सुंदर पर्यटन स्थल है जो दो राज्यों की सीमा के बीच स्थित होने के कारण अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। कुदरती सौंदर्य और कई मनमोहक दृश्यों को अपनी बाहों में समेटे हजारा फाल आज लोगों को अपनी तरफ एकाएक आकर्षित करता है। कलकत्ता-मुंबई हावड़ा रेल मुख्य मार्ग से दिखने वाला यह रोमांचित कर देने वाला दृश्य अचानक ही लोगों को अपनी ओर लालयति करता है। ट्रेन में बैठे हुए यात्री जब हजारा फाल से कुछ ही दूरी पर स्थित सुरंग को पार कर निकलता है तो वहीं हजारा फाल की भव्य सुंदरता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस हजारा फाल की भव्यता और उसकी सुंदरता में चार चांद तब लग जाते हैं जब बरसात के मौसम में लगभग 200 फीट की ऊंचाई से गिरता हुआ पानी अपनी गडग़ड़ाहट के शोर और हरियालियों के बीच से बहता हुआ पहाड़ी श्रृंखलाओं को पार कर झरना बड़ा मनमोहक लगता है। आसपास के दृश्यों को देखें तो हजारा फाल से कुछ ही दूरी पर एक जलाशय का निर्माण शासन द्वारा किया गया है तो वहीं एक औलौकिक गुफा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती है परंतु सबसे ज्यादा मनमोहक हजारा फाल ही है जहां स्थानीय रहवासियों के द्वारा एक रोजगार का जरिया खोज लिया गया है और कुछ विशेष दिनों में यहां छोटी-छोटी गुमटियां और पसरा लगाकर बच्चों के खाने लायक खाद्य पदार्थों को बेचकर एक छोटा से रोजगार किया जा रहा है तो वहीं दूर-दूर तक निवासियों की आहट तक सुनाई न देने वाला यह हजारा फाल अपने आप में प्रकृति की गोद में सुंदर झरने के साथ सूनसान इलाके में बसा हुआ है। हालांकि लोग एक लंबी यात्रा कर इस पर्यटन स्थल की मनमोहक दृश्यों को अपने आंखों और मन में समेटने के लिए बड़ी तमन्ना के साथ यहां आते हैं। जहां एक सुखद अहसास को महसूस किया जा सकता है तो वहीं सूनसान इलाके में होने के कारण एक भय का वातावरण भी इस नजारे को भयावह बना देता है। वर्षों से यह पर्यटन स्थल नक्सलियों की मांद के रुप में घोषित किया जा चुका था जहां कई विभत्स घटनाएं और नक्सलियों के साथ पुलिस की मुठभेड़ भी हो चुकी है। ऐसे कई कारणों के कारण हजारा फाल आज अपने विकास की राह को ताक रहा है। दुर्ग से 110 किलोमीटर की दूरी पर बसा मन मोहक प्राकृतिक दृश्य हाजरा फॉल जहाँ के प्राकृतिक नजारे बहुत सुंदर है। यह महाराष्ट्र बॉर्डर के गोंदिया जिले में स्थित है। हाजऱा फॉल से 4 किमी. की दूरी पर बसा कछारगढ़ गुफा आदिवासियों का प्रमुख केंद्र हैं। यहां दूर-दूर से लोग अपने भगवान को प्रणाम करने आते हैं एवं आस्थाओं के फूल चढ़ाया करते हैं। सबसे पास रेलवे स्टेशन दर्रेकसा है जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर स्थित है। हाजरा फॉल बरसात मे पर्यटक का मन मोह लेना वाला दृश्य हैं। तीसरा पड़ाव जो इस रूट में पड़ता है वो है पनियाजोब जलाशय जो कि एक मनमोहक सुंदर डैम है। हाजरा फाल एक प्राकृतिक वन संपदा के साथ-साथ मनमोहक प्राकृतिक संपदाओं और अन्य अलौकिक दृश्यों को अपने बांहों में समेटे हाजरा फाल पिछले कई वर्षों से अपने विकास की राह टोह रहा है। कारण यहां सबसे बड़ा यह है कि हाजरा फाल एक ऐसे सूनसान जगह में हैं जहां जाने पर लोगों के निशान और उनके रहवास दूर-दूर तक नजर नहीं आते। वहीं यह पूरा क्षेत्र नक्सलियों का गढ़ है, जिसके कारण अधिकांश पर्यटक यहां आने पर डरते हैं। हालांकि अब तक नक्सलियों के द्वारा किसी भी पर्यटक को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया है। परन्तु यदि छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र सरकार इसे एक अच्छा पर्यटन स्थल घोषित कर पर्यटकों को सभी प्रकार की सुविधाएं दें तो एक अच्छा पर्यटन स्थल बन सकता है। हाजरा फाल की एक विशेषता यह भी है कि इसका सुंदर और लुभावना स्वरूप भरी बरसात में भव्यता के साथ देखा जा सकता है। बरसात के ही मौसम में अपनी विराट स्वरूप को दिखाने वाला हाजरा फाल अन्य मौसम में लोगों को अपनी ओर आकर्षित तो करता है परन्तु बरसात जैसा विराट स्वरूप तब दिखाई नहीं देता। वहीं कुछ स्थानीय लोगों का मानना है कि अब तक वन विभाग के द्वारा किए गए दावों से यह भी पता चलता है कि आसपास शेर, भालू जैसे जंगली जानवर दिखाई देते हैं। डोंगरगढ़ से लगभग 15-20 किमी. पर दूरी पर स्थित हाजरा फाल छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन सकता है परन्तु महाराष्ट्र सीमा में स्थित होने के कारण, विकास नहीं हो पा रहा है। सर्व विदित है कि हाजरा फाल एक ऐसी जगह है जहां लगभग 15-20 वर्ष पूर्व भिलाई इस्पात संयंत्र के सेल विभाग से संबंधित अधिकारियों का हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जांच के दौरान पता चला कि पहाड़ी श्रृंखलाओं और ऊंचे-ऊंचे पेड़ों और खराब मौसम के कारण पायलट को इसका अंदाजा लगाना मुश्किल हो गया था जिसके कारण सेल का हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त होकर मौजूद सभी अधिकारियों की मौत हो गई थी। यदि दोनों राज्यों की सरकार चाहे तो हजारा फाल को एक सुंदर सुशोभित मनमोहक पर्यटन स्थल घोषित किया जा सकता है?


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