Home देश-दुनिया बंगाल में माताएं-बहनें सुरक्षित नहीं, ‘आतंकवाद के खिलाफ नरम रुख वाली सरकार चाहती हैं’ : नड्डा

बंगाल में माताएं-बहनें सुरक्षित नहीं, ‘आतंकवाद के खिलाफ नरम रुख वाली सरकार चाहती हैं’ : नड्डा

by admin

नईदिल्ली (ए)।  भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी घुसपैठ के मुद्दे से समझौता और अल्पसंख्यकों का तुष्टीकरण कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब एक दशक के तृणमूल कांग्रेस शासन में पश्चिम बंगाल से एक के बाद एक ‘कांड’ सामने आ रहे हैं। पुरुलिया में पार्टी उम्मीदवार ज्योतिरमॉय महतो के समर्थन में आयोजित एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए नड्डा ने कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन के बिखरे हुए घटक अपनी स्वार्थ प्रेरित इच्छाओं की पूर्ति के लिए केंद्र में ‘मजबूर’ सरकार बनाना चाहते हैं, पश्चिम बंगाल की जनता ने पहले ही ‘मजबूत’ सरकार की अपनी मंशा व्यक्त कर दी है।

नड्डा ने ममता बनर्जी पर पश्चिम बंगाल को आतंकवादियों की पनाहगाह में तब्दील करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “ममता दीदी की सरकार घुसपैठ के मुद्दे पर नरम है जबकि अल्पसंख्यकों की तुष्टीकरण की नीति पर चल रही है।” तृणमूल कांग्रेस पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के बारे में उन्होंने कहा, “शिक्षक भर्ती से लेकर लिपिक नियुक्ति धोखाधड़ी तक, कोयला से मवेशी तस्करी तक एक के बाद एक घोटाले हो रहे हैं। उनकी पार्टी के नेता और मंत्री विभिन्न घोटालों में गिरफ्तार हुए हैं। ममता दीदी का शासनकाल भ्रष्टाचार और आतंक का पर्याय बन गया है।”

नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी के शासनकाल में संदेशखालि जैसी घटनाएं हुई जो पूरे देश को शर्मिंदा करने वाली थीं। उन्होंने जनसभा में मौजूद लोगों से सवाल करते हुए कहा, “दुर्भाग्य से वह संदेशखालि में महिलाओं का उत्पीड़न करने वालों को बचाने की कोशिश कर रही हैं। क्या बंगाल की जनता इस तरह का शासक चाहती है? ” भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष राज्य के किसानों को गत तीन साल से ‘किसान निधि’ का लाभ लेने से रोक रही हैं और कई सालों से लोगों को ‘आयुष्मान भारत’ का लाभ लेने से वंचित कर रही हैं।

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