Home छत्तीसगढ़ सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप 4 महिला एवं 2 पुरूष माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

सुरक्षा बलों के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप 4 महिला एवं 2 पुरूष माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण

एरिया कमेटी सदस्य, एलओएस मेम्बर एवं पार्टी सदस्य ने समाज की मुख्य धारा में जुड़ने की ली शपथ

by admin

नारायणपुर। आनंद प्रताप सिंह (भा.पु.से.) महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल सीमांत मुख्यालय भिलाई,  सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज जगदलपुर,  राकेश कुमार उप महानिरीक्षक सीमा सुरक्षा बल भिलाई,  प्रदीप कुमार दुबे उप महानिरीक्षक सेक्टर रायपुर,  अमित तुकाराम काम्बले (भा.पु.से.) पुलिस उप महानिरीक्षक कांकेर रेंज कांकेर, , के मार्गदर्शन मे प्रभात कुमार (भा.पु.से.) पुलिस अधीक्षक नारायणपुर,  नवल सिंह सेनानी, 135वीं वाहिनी बीएसएफ,  एन.एस. कुटियाल सेनानी, 133वीं वाहिनी बीएसएफ ,  नरेन्द्र सिंह सेनानी 41वीं वाहिनी आईटीबीपी, श्री दुष्यंत राज जयसवाल सेनानी 29वीं वाहिनी आईईटीबी,  राजीव गुप्ता सेनानी 45 वीं वाहिनी आईटीबीपी,  संजय कुमार सेनानी 53 वीं वाहिनी आईईटीपी,  अषोक सिंह दितीय कमान, 38 वीं वाहिनी आईईटीपी एवं अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर  रोबिनसन गुड़िया (भा.पु.से.), अति. पुलिस अधीक्षक नारायणपुर  अक्षय साबद्रा (भा.पु.से.), एवं  सुशील कुमार नायक के मार्गदर्षन और नेतृत्व में नारायणपुर पुलिस द्वारा आईटीबीपी, बीएसएफ, एसटीएफ की संयुक्त बल साथ माओवादियों के विरूद्ध क्षेत्र में लगातार नक्सल विरोधी ‘‘माड़ बचाव’’ अभियान चलाये जा रहे है।

नक्सल उन्मुलन अभियान और अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर आज दिनांक 26.06.2025 को श्री नवल सिंह कमाण्डेट 135 वाहिनी सीमा सुरक्षा बल, श्री संजय कुमार कमाण्डेट 53वी वाहिनीं आईटीबीपी, श्री राबिनसन गुडिया अति.पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स.), श्री अक्षय साबद्रा अति.पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स.), श्री सन्नी आलोक तिग्गा द्वितीय कमान 135 वाहिनी सीमा सुरक्षा बल, श्री अषोक सिंह द्वितीय कमान, 38 वीं वाहिनी आईईटीपी श्री जयदीप अग्रवाल, डिप्टी कमाण्डेंट बीएसएफ. श्री अनिल चौधरी डीसी. 53 वी वाहीनी आईटीबीपी, श्री दिनेष एसी 41 वी वाहिनी आईटीबीपी उप पुलिस अधीक्षक श्री अरविंद किशोर खलखो, डॉ. प्रशांत देंवागन, श्री मनोज मण्डावी, श्री अविनाश कंवर, श्री आशीष नेताम, श्री कुलदीप बंजारे, सुश्री अमृता पैकरा, के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किये। आत्मसमर्पण करने पर प्रोत्साहन राशि 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया एवं उन्हें नक्सल उन्मूलन नीति के तहत् मिलने वाली सभी प्रकार की सुविधाएं दिलाया जायेगा। इस अवसर पर अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

  •  आत्मसमर्पित के नाम/पद

1. धनाय हलामी पिता नरसिंग उम्र 24 वर्ष जाति गोण्ड निवासी$ पंचायत तुषवाल थाना बारसूर जिला बीजापूर पद- अमदेई एरिया कमेटी सदस्य ईनाम – 5 लाख

2. दशमती कोवाची पिता उंगो उम्र 20 वर्ष जाति गोण्ड ग्राम $ पंचायत कोडोली थाना ओरछा जिला नारायणपूर पद- नेलनार एलओएस सदस्य – ईनामी 1 लाख

3. सुकाय उर्फ रोशनी पोयाम पिता भीमा उम्र 20 वर्ष जाति माडिया निवासी कंदाडी ग्राम पंचायत कस्तुरमेटा थाना कुकडाझोर पद. कुतुल एरिया पार्टी सदस्य (पीएम) – ईनामी 1 लाख

4. चैतराम उसेण्डी उर्फ रूषी पिता दशरू उम्र 28 वर्ष जाति माडिया ग्राम गुजनवाडा पंचायत हिकुल थाना ओरछा जिला नारायणपुर पद- सीसी गार्ड (पीएम)- ईनामी 1 लाख

5. गंगू पोयाम पिता कुम्मा उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी $ पंचायत कोडोली थाना ओरछा जिला नारायणपुर छत्तीसगढ़ पद- डीवीसी गार्ड (पीएम) – ईनामी 1 लाख

6. शारी उर्फ गागरी कोवाची पिता पूरोन उम्र 20 वर्ष जाति मुरिया निवासी गट्टाकाल/ किसकाल पंचायत कुतुल थाना कोहकामेटा जिला नारायणपूर छत्तीसगढ़ पद- एसीएम गार्ड (पीएम)- ईनामी 1 लाख

 

🟪 माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण के पीछे माड़ और नारायणपुर जिले में लगातार चलाये जा रहे विकास कार्य तेजी से बनती सड़कें, गावों तक पहुँचती विभिन्न सुविधाओं ने इन्हें प्रभावित किया है। संगठन के विचारों से मोहभंग होना, निराशा, नक्सल संगठन के भीतर बढ़ते आंतरिक मतभेद इनके आत्मसमर्पण का बहुत बड़ा कारण है। आत्मसमर्पित माओवादी माड़ डिविजन एवं अमदेयी एरिया कमेटी क्षेत्रान्तर्गत सक्रिय रूप से कार्यरत रहे है।

आने वाले समय में और भी नक्सलियों के संगठन छोड़कर आत्मसमर्पण करने की गोपनीय आसूचना है। आत्मसमर्पण कराने में नारायणपुर डीआरजी, बीएसएफ एवं आईटीबीपी, का विशेष योगदान है। इस प्रकार नक्सलियों का हो रहे आत्मसर्पण से शीर्ष माओवादी कैडर के लिए बड़ा नुकसान हुआ है। नक्सल मुक्त माड़ बचाव अभियान की कल्पना साकार रूप ले रहा है।

पुलिस महानिरीक्षक  सुन्दरराज पी. (भा.पु.से.) के द्वारा कहा गया है कि सरकार की पुनर्वास नीति के फायदे, घर, नौकरी ने इन्हें आकर्षित किया है। इन्होने आत्मसमर्पण माड़ एवं खुद की भलाई के लिए सोचा है, और ‘‘माड़ बचाओ अभियान” ने उन्हें अब एक नई आस दी है। माओवादी की विचारधारा में भटके नक्सलियों को उनके घर वाले भी वापस लाना चाहते है। हम सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करते हैं कि उनका बाहरी लोगों की भ्रामक बातों और विचारधारा से बाहर निकलने का समय आ गया है। अब समय माड़ को वापस उसके मूलवासियों को सौंप देने का है जहाँ वे निर्भीक रूप से सामान्य जीवन व्यतीत कर सके !

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