
नईदिल्ली(ए)। भारत और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। बृहस्पतिवार को दोनों देशों की संयुक्त समिति की बैठक में सैन्य उपकरण के संयुक्त उत्पादन की संभावना पर फिर विचार-विमर्श किया। इस पहल को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी के नए आयाम के रूप में देखा जा रहा है।
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बैठक में प्रशिक्षण, औद्योगिक साझेदारी, समुद्री सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यास जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर चर्चा की गई। भारतीय पक्ष ने सऊदी सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा और साथ ही साइबर सुरक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन तथा सामरिक संचार के क्षेत्रों में सहयोग की पेशकश भी की। मंत्रालय ने कहा, सऊदी अरब के साथ रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण और औद्योगिक साझेदारी के अवसर तलाशे गए। यह दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक रक्षा सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से संयुक्त सचिव अमिताभ प्रसाद ने की, जबकि सऊदी अरब का नेतृत्व मेजर जनरल साद मोहम्मद ए. अलकथीरी ने किया।
- दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पहल से न केवल दोनों देशों की रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिलेगी, बल्कि हिंद महासागर और खाड़ी क्षेत्र की सामरिक सुरक्षा को भी संतुलन प्रदान करेगी।