Home देश-दुनिया सब्जी विकास योजना: इस राज्य में बीज पर मिलेगी इनती सब्सिडी, सरकार का किसानों के लिए बड़ा तोहफा

सब्जी विकास योजना: इस राज्य में बीज पर मिलेगी इनती सब्सिडी, सरकार का किसानों के लिए बड़ा तोहफा

by admin

नईदिल्ली(ए)।  किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए सरकार नई-नई योजनाएं ला रही है। इसी कड़ी में अब बिहार सरकार ने किसानों के लिए ‘सब्जी विकास योजना’ शुरू की है। इस योजना के तहत किसानों को सब्जियों के बीज और बिचड़े (पौधे) अनुदानित दरों पर दिए जाएंगे। यह योजना सिर्फ बिहार के किसानों के लिए है। लाभ उसी किसान को मिलेगा, जो निर्धारित जिलों में सब्जी की खेती करता है और पंजीकृत है।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मकसद है किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना और बीजों की उपलब्धता आसान व सस्ती दर पर कराना। इससे खेती की लागत घटेगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

कितना अनुदान मिलेगा?

  • किसानों को 75% तक अनुदान पर सब्जी के बीज और बिचड़े उपलब्ध कराए जाएंगे।
  • रैयत किसान को अधिकतम 2.50 एकड़ तक का लाभ मिलेगा।
  • गैर-रैयत किसान 0.25 एकड़ तक आवेदन कर सकते हैं।
  • सब्जी का बिचड़ा 1000 से 10,000 तक अनुदानित दर पर मिलेगा।

किन सब्जियों पर मिलेगा लाभ?

योजना के तहत किसानों को कई तरह की सब्जियों के बीज सस्ते दामों पर मिलेंगे—

  • हाइब्रिड सब्जियां: ब्रोकली, कैप्सीकम, टमाटर, फूलगोभी, पत्तागोभी
  • रबी सीजन: हरा मटर, गाजर, चुकंदर, बैंगन
  • गरमा सीजन: कद्दू, करैला, भिंडी, खरबूजा, तरबूज
  • प्याज के बीज पर भी अनुदान मिलेगा।

बीज और पौधे कहां से मिलेंगे?

सब्जी का बिचड़ा मिलेगा:

  • सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, चंडी (नालंदा)
  • देसरी (वैशाली)
  • कटिहार
  • भोजपुर (कोईलवर नर्सरी)
  • सब्जियों का बीज उपलब्ध कराएगा:बिहार राज्य बीज निगम, पटना

आवेदन प्रक्रिया

  • योजना का लाभ लेने के लिए किसान को horticulture.bihar.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
  • आवेदन केवल रजिस्टर्ड किसानों द्वारा किया जा सकता है।

जरूरी दस्तावेज़

  • भूमि स्वामित्व प्रमाण-पत्र या अपडेटेड राजस्व रसीद
  • वंशावली या एकरारनामा (यदि किसान गैर-रैयत है)
  • ऑनलाइन अपडेटेड रसीद भी मान्य होगी।

किसानों के लिए बड़ा अवसर

यह योजना किसानों को सब्जी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने का बड़ा प्रयास है। इससे खेती की लागत घटेगी, आय बढ़ेगी और स्थानीय स्तर पर सब्जियों की उपलब्धता भी अधिक होगी। इसके साथ ही जिले और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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