नईदिल्ली(ए)। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक (ऑल पार्टी मीटिंग) बुलाई, जिसमें देश की ऊर्जा सुरक्षा, विदेश नीति और भारतीयों की सुरक्षा पर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने की, जबकि गृह मंत्री Amit Shah और विदेश मंत्री S. Jaishankar भी मौजूद रहे।
ऊर्जा को लेकर सरकार का भरोसा
बैठक में सरकार ने सभी राजनीतिक दलों को भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा संकट जैसी कोई स्थिति नहीं है। सरकार के अनुसार, घरेलू स्तर पर LPG उत्पादन में करीब 60% तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
फंसे जहाजों और भारतीयों पर अपडेट
S. Jaishankar ने बताया कि Strait of Hormuz में फंसे जहाजों में से 4 सुरक्षित निकल चुके हैं, जबकि अन्य जहाजों की वापसी की प्रक्रिया जारी है। खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों को लेकर सरकार ने कहा कि भारतीय दूतावास लगातार काम कर रहे हैं और अब तक लगभग 4.25 लाख नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
पाकिस्तान की भूमिका पर चर्चा
बैठक के दौरान विपक्षी नेताओं ने Pakistan की भूमिका पर सवाल उठाए। इस पर सरकार ने कहा कि पाकिस्तान का ऐसा रवैया नया नहीं है और वह लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल रहा है। इस संदर्भ में विदेश मंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत किसी भी स्थिति में “दलाल देश” की भूमिका नहीं निभाएगा।
मध्यस्थता की पेशकश पर प्रतिक्रिया
दरअसल, Shehbaz Sharif ने X पर पोस्ट कर ईरान संघर्ष को खत्म कराने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की थी, जिसे Donald Trump ने भी साझा किया था। इस पर सरकार ने कहा कि यदि United States को पाकिस्तान के जरिए बातचीत उपयोगी लगती है, तो भारत उसे नियंत्रित नहीं कर सकता, लेकिन भारत अपनी स्वतंत्र कूटनीतिक नीति पर कायम रहेगा।
विदेश नीति पर सरकार का बचाव
विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि भारत लगातार सक्रिय कूटनीति अपना रहा है। सभी संबंधित देशों के साथ संवाद बनाए रखा गया है और हर स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
सरकार ने यह भी कहा कि कई बार “खामोशी” भी एक रणनीतिक हथियार होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि भारत निष्क्रिय है।
कुल मिलाकर, सरकार ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और देश के हितों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।