नईदिल्ली(ए)। असम के एग्जिट पोल के अनुमानों ने राज्य की सियासत की तस्वीर काफी हद तक साफ कर दी है। विभिन्न एजेंसियों के सर्वे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दलों को स्पष्ट बहुमत मिलता दिखाई दे रहा है। 7 प्रमुख एग्जिट पोल के औसत रुझानों में भाजपा गठबंधन को 80 से 100 सीटों के बीच बढ़त मिलती दिख रही है, जो सरकार बनाने के लिए पर्याप्त है।
मैट्रिज के सर्वे के अनुसार, भाजपा को 85 से 95 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि कांग्रेस गठबंधन 25 से 32 सीटों तक सीमित रह सकता है। अन्य दलों को 6 से 12 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। वहीं आजतक एक्सिस माय इंडिया ने भाजपा को और मजबूत स्थिति में दिखाते हुए 88 से 100 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है, जबकि कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिल सकती हैं।
अन्य एग्जिट पोल एजेंसियों के आंकड़े भी इसी ट्रेंड की पुष्टि करते हैं। जेबीसी-टाइम्स नाउ के अनुसार भाजपा 88 से 101 सीटें जीत सकती है, जबकि कांग्रेस 23 से 33 सीटों के बीच रह सकती है। पीपल्स पल्स ने भाजपा को 83 से 91 सीटें और कांग्रेस को 23 से 31 सीटें मिलने की संभावना जताई है। पोल डायरी के अनुमान में भाजपा 86 से 101 सीटों के साथ मजबूत स्थिति में है, जबकि कांग्रेस 15 से 26 सीटों तक सिमट सकती है।
चाणक्य स्ट्रैटेजीज ने भाजपा को 88 से 98 सीटें और कांग्रेस को 22 से 32 सीटें मिलने का अनुमान जताया है। वहीं पी-मार्क्यू के सर्वे में भाजपा को 82 से 94 सीटें और कांग्रेस को 30 से 40 सीटें मिलने की संभावना व्यक्त की गई है। अन्य दलों को लगभग सभी सर्वे में सीमित सफलता मिलती दिखाई दे रही है।
इन एग्जिट पोल के रुझानों से यह संकेत मिल रहा है कि राज्य में भाजपा का जनाधार अभी भी मजबूत बना हुआ है और पार्टी लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी कर सकती है। दूसरी ओर, कांग्रेस के लिए यह चुनाव अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न करने का संकेत दे रहा है।
वहीं केरल के एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आने के बाद केरल की राजनीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। विभिन्न एजेंसियों के सर्वे इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस बार राज्य में सत्ता परिवर्तन हो सकता है और कांग्रेस नेतृत्व वाला यूडीएफ गठबंधन बढ़त बनाता दिख रहा है।
एग्जिट पोल के मुताबिक, मैट्रिज के सर्वे में यूडीएफ को 70-75 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एलडीएफ 60-65 सीटों पर सिमट सकता है। पीपल्स पल्स के आंकड़े थोड़ी अलग तस्वीर पेश करते हैं, जहां एलडीएफ को 75-85 सीटें और यूडीएफ को 55-65 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। हालांकि, बाकी ज्यादातर एजेंसियां यूडीएफ को बढ़त में दिखा रही हैं।
जेवीसी के अनुसार यूडीएफ को 72-84 सीटें मिल सकती हैं, जबकि एलडीएफ 52-61 सीटों तक सीमित रह सकता है। वहीं, एक्सिस माय इंडिया के सर्वे में यूडीएफ को 78-90 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत मिलता दिख रहा है और एलडीएफ 49-62 सीटों के बीच रह सकता है।
वोट वाइब के एग्जिट पोल में भी यूडीएफ को 70-80 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि एलडीएफ 58-68 सीटों पर रह सकता है। पीमार्क्यू के आंकड़े भी यूडीएफ को 71-79 सीटों के साथ बढ़त में दिखाते हैं और एलडीएफ को 62-69 सीटों तक सीमित बताते हैं।
पीपल्स इनसाइट के ताजा एग्जिट पोल ने इस मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। इसके मुताबिक यूडीएफ को 66-76 सीटें मिलने का अनुमान है, जो उसे बहुमत के करीब या उससे थोड़ा ऊपर रखता है। वहीं एलडीएफ को 63-71 सीटों के बीच बताया गया है, यानी मुकाबला काफी करीबी हो सकता है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की बात करें तो अधिकांश एग्जिट पोल में उसका प्रदर्शन सीमित नजर आ रहा है। बीजेपी को 0 से 7 सीटों के बीच ही रहने का अनुमान है, जबकि अन्य दलों को भी बहुत कम सीटें मिलती दिख रही हैं। कुल मिलाकर, 140 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 71 है और ज्यादातर एग्जिट पोल यूडीएफ को इस आंकड़े के पार पहुंचाते दिख रहे हैं। हालांकि, कुछ सर्वे जैसे पीपल्स पल्स एलडीएफ को आगे बताते हैं, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं कहा जा सकता।