Home देश-दुनिया ‘नीट विवाद, कोचिंग का दबाव छात्रों की मानसिक परेशानी की मुख्य वजह’; SC की टास्क फोर्स का बड़ा खुलासा

‘नीट विवाद, कोचिंग का दबाव छात्रों की मानसिक परेशानी की मुख्य वजह’; SC की टास्क फोर्स का बड़ा खुलासा

by admin

नईदिल्ली(ए)। सुप्रीम कोर्ट की ओर से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बनाए गए राष्ट्रीय कार्य बल (नेशनल टास्क फोर्स- एनटीएफ) द्वारा हालिया नीट विवाद समेत प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं, कोचिंग के दबाव, पाठ्यक्रम में बार-बार होने वाले फेरबदल और संरचनात्मक असमानताओं को छात्रों की मानसिक परेशानी के प्रमुख कारणों के रूप में चिह्नित किए जाने की उम्मीद है। पैनल की चर्चाओं से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नेशनल टास्क फोर्स का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एस रविंद्र भट्ट कर रहे हैं। मार्च 2025 में यह टास्क फोर्स उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं की जांच करने और उनसे निपटने के उपायों की सिफारिश करने के लिए गठित किया गया था।

 सुप्रीम कोर्ट की ओर से छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर बनाए गए राष्ट्रीय कार्य बल (नेशनल टास्क फोर्स- एनटीएफ) द्वारा हालिया नीट विवाद समेत प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं, कोचिंग के दबाव, पाठ्यक्रम में बार-बार होने वाले फेरबदल और संरचनात्मक असमानताओं को छात्रों की मानसिक परेशानी के प्रमुख कारणों के रूप में चिह्नित किए जाने की उम्मीद है। पैनल की चर्चाओं से वाकिफ सूत्रों ने यह जानकारी दी।

नेशनल टास्क फोर्स का नेतृत्व सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस एस रविंद्र भट्ट कर रहे हैं। मार्च 2025 में यह टास्क फोर्स उच्च शिक्षा संस्थानों में छात्र आत्महत्याओं की बढ़ती घटनाओं की जांच करने और उनसे निपटने के उपायों की सिफारिश करने के लिए गठित किया गया था।

नीट-यूजी को प्रश्न पत्र लीक के आरोपों के बाद रद कर दिया गया था। इससे छात्रों में चिंता बढ़ी और कई आत्महत्याओं से इसे जोड़ा गया। सुप्रीम कोर्ट ने नोट किया कि भारत में छात्र आत्महत्याएं एक दशक में दोगुनी हो गई हैं।

साल 2022 में यह 13,000 मामलों तक पहुंच गईं। टास्क फोर्स ने छात्र कल्याण पर देश के सबसे बड़े परामर्शों के माध्यम से इनपुट एकत्र किए हैं। इसमें लगभग 60,000 शिक्षकों और करीब तीन लाख माता-पिता ने भाग लिया।

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