Home देश-दुनिया भारत की 11 नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर के पार पहुंचा, अभी खतरे या अत्यधिक बाढ़ के नहीं हैं हालात

भारत की 11 नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर के पार पहुंचा, अभी खतरे या अत्यधिक बाढ़ के नहीं हैं हालात

मानसून की सक्रियता के बावजूद हालात काबू में

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नई दिल्ली(ए)। देशभर में 11 नदी निगरानी स्थलों का जलस्तर चेतावनी स्तर को  पार कर गया है। बावजूद इसके कोई भी जगह अभी खतरे या अत्यधिक बाढ़ के दायरे में नहीं आई है। फिलहाल किसी भी स्थल ने खतरे का स्तर या ऐतिहासिक उच्चतम बाढ़ स्तर पार नहीं किया है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने यह जानकारी बुधवार को केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से जारी दैनिक बाढ़ बुलेटिन के आधार पर दी है। बुलेटिन के मुताबिक, असम, बिहार, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश के 12 स्थलों को बाढ़ आने की जगह के तौर पर चिह्नित किया गया। इन स्थलों में जलस्तर चेतावनी सीमा पार कर चुका है, लेकिन खतरे के स्तर से नीचे है। असम में करीमगंज की कुशियारा नदी और जोरहाट के नेमाटीघाट पर ब्रह्मपुत्र चिंता के स्तर के करीब हैं। वहीं, बिहार में बलतारा में कोसी, बेनीबाद पर बागमती और डुमरियाघाट पर गंडक को निगरानी में रखा गया है। उत्तर प्रदेश में गंगा (फतेहगढ़ और कछला पुल), घाघरा (एल्गिनब्रिज) और गंडक (खड्डा) पर निगरानी जारी है। खड्डा में जलस्तर 95 मीटर की चेतावनी सीमा तक पहुंच चुका है। ओडिशा के बालेश्वर जिले में सुबर्णरेखा नदी पर मथानी रोड ब्रिज और राजघाट पर जलस्तर चेतावनी स्तर पार कर गया है। तमिलनाडु के मुसिरी में कावेरी नदी का जलस्तर भी चेतावनी सीमा से ऊपर पहुंच गया है।

मानसून की सक्रियता के बावजूद हालात काबू में
सीडब्ल्यूसी ने आंध्र प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक,ओडिशा, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल 10 राज्यों के 23 बांध और बैराज स्थलों के लिए जलप्रवाह पूर्वानुमान भी जारी किए हैं। कर्नाटक में अलमट्टी, नारायणपुर और तुंगभद्रा जैसे प्रमुख बांधों में प्रवाह उच्च या स्थिर है।ओडिशा के रेंगाली जलाशय और पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर बैराज में भी जलप्रवाह काफी बढ़ा है, जिससे संभावित डाउनस्ट्रीम प्रभावों के लिए चेतावनी जारी की गई है। सीडब्ल्यूसी ने पुष्टि की है कि मानसून की सक्रियता के बावजूद,किसी भी नदी स्थल ने अब तक अपना पूर्व उच्चतम बाढ़ स्तर नहीं छुआ है।

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