Home छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में धान खरीदी को मिल रहा नया आयाम

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में धान खरीदी को मिल रहा नया आयाम

भंडारण की समस्या का समाधान : 21 उपार्जन केन्द्रों में होंगे 200 आधुनिक गोदाम

by admin

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अगुवाई में धान खरीदी को राज्य में नया आयाम मिल रहा है। इसी तारतम्य में किसानों की सुविधा एवं उपज की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धमतरी जिले के 21 धान उपार्जन केन्द्रों में 200 मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का निर्माण उपार्जन केंद्रों में किया जाएगा। यह कार्य मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा के विशेष प्रयासों का परिणाम है, जिनके मार्गदर्शन में 8 जुलाई को मंडी बोर्ड को प्रस्ताव भेजा गया था। मंडी बोर्ड ने प्रस्ताव को सहमति प्रदान करते हुए 30 जुलाई को कुल 268.38 लाख रुपए की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।

गौरतलब है कि धान खरीदी के दौरान किसानों की उपज को सुरक्षित रखने हेतु भंडारण की सुविधा अत्यंत आवश्यक होती है। अभी तक कई उपार्जन केन्द्रों में पक्के गोदाम नहीं थे, जिससे किसानों की उपज बारिश या अन्य कारणों से खराब होने की आशंका बनी रहती थी। इस आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा द्वारा स्थायी गोदाम निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर मंडी बोर्ड को भेजा गया।प्रस्ताव को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार करते हुए छत्तीसगढ़ राज्य कृषि विपणन (मंडी) बोर्ड ने राज्य विपणन विकास निधि के अंतर्गत संशोधित वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है। प्रति गोदाम निर्माण की अनुमानित लागत 12.41 लाख रुपए तय की गई है, जिससे कुल 21 गोदामों के लिए 2 करोड़ 68 लाख 38 हजार रुपए व्यय होंगे।

उपज की सुरक्षा, व्यवस्था में पारदर्शिता
कलेक्टर श्री मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि इन गोदामों के निर्माण से जिले में कुल 4200 मीट्रिक टन धान भंडारण को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी। इससे न केवल किसानों की उपज को नुकसान से बचाया जा सकेगा, बल्कि खरीदी व्यवस्था में भी पारदर्शिता एवं सुगमता आएगी।

इन 21 स्थानों पर होंगे निर्माण
इन गोदामों का निर्माण जिले के 21 धान खरीदी केंद्र मोंगरागहन, तरसीवा, कुर्री, खरोंगा, लिमतरा, जखी अंगारा, लोहरसी, अछोटा, ढोलर, अकलाडोंगरी, पीपरछेड़ी, कंडेल, कसहीरास, डोमा, बुरानवापारा, बारगी (मोटाबर्रा), बोडा (कसही), समरलडू, कसाहीबाह, सनौरा और मंज़रा में किया जाएगा।

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