रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य के बड़े और मध्यम जलाशयों में वर्तमान में पानी का भंडारण पिछले दो वर्षों की तुलना में काफी बेहतर स्थिति में है। जल संसाधन विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक 13 मई 2026 तक राज्य के प्रमुख और मध्यम जलाशयों में कुल 56 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है, जबकि यही आंकड़ा पिछले वर्ष इसी अवधि में 28.47 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 34.64 प्रतिशत था।
राज्य के 12 बड़े जलाशयों में इस समय 57.44 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। पिछले साल अवधि में इन जलाशयों में केवल 34.76 प्रतिशत और वर्ष 2024 में 27.17 प्रतिशत जलभराव था। इसी तरह 34 मध्यम जलाशयों में वर्तमान जलभराव 48.34 प्रतिशत जल उपलब्ध है, जो बीते वर्षों की तुलना में काफी बेहतर है।
राज्य के सबसे बड़े जलाशयों में शामिल मिनीमाता बांगो जलाशय में 57.37 प्रतिशत पानी मौजूद है। वहीं रविशंकर सागर जलाशय गंगरेल में 51.50 प्रतिशत और दूधावा जलाशय में लगभग 79 प्रतिशत जल मौजूद है। राज्य के कई मध्यम जलाशयों की जल उपलब्धता की स्थिति संतोषजन है। पिपरिया नाला जलाशय में 84 प्रतिशत, खापरी जलाशय में 92 प्रतिशत तथा छिरपानी जलाशय में 82 प्रतिशत से अधिक पानी मौजूद है। सिंचाई जलाशयों में पर्याप्त जल उपलब्धता की वजह से आने वाले दिनों में पेयजल और सिंचाई के लिए जलापूर्ति प्रभावित नहीं होगी।