
नई दिल्ली(ए)। बांग्लादेश में हुए चुनाव पर अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ये देश के लोकतंत्र के इतिहास में दुर्भाग्यपूर्ण अध्याय के रूप में याद किया जाएगा। उन्होंने एक बयान में कहा कि देश में चौतरफा प्रशासनिक हेराफेरी और आंकड़ों की धोखाधड़ी की गई है।
उन्होंने कहा कि पेश किए गए आंकड़े तथ्यों से मेल नहीं खाते। अवामी लीग नेता ने कहा कि दिन 11 बजे तक केवल 14.96 प्रतिशत वोट पड़े थे, जबकि दोपहर तक 32.88 प्रतिशत मतदान बताया गया। देखा जाए तो पूरे देश में 3,81,339 मत प्रति मिनट पड़े। इसका मतलब ये हुआ कि हर मतदान केंद्र पर प्रति पांच सेकेंड एक वोट पड़ा।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हर व्यक्ति को वोट डालने के लिए औसतन डेढ़ से तीन मिनट का समय मिला। उन्होंने कहा कि 59.44 प्रतिशत की अंतिम घोषित मतदान दर पूरी तरह झूठी है।
इसके अतिरिक्त, अवामी लीग ने आरोप लगाया कि उसी दिन आयोजित जनमत संग्रह को प्रभावित करने के लिए सरकारी संसाधनों का उपयोग किया गया था, जिसमें मतपत्रों पर विशिष्ट चिह्नों के उपयोग और परिणाम पत्रकों पर पीठासीन अधिकारियों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के हस्ताक्षर न होने का हवाला दिया गया था।