
नईदिल्ली(ए)। मेडिकल साइंस में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि क्वालीफाइंग कट-आफ प्रतिशत कम होने के बाद 95,913 अतिरिक्त उम्मीदवार नीट-पीजी 2025 काउंसलिंग के लिए पात्र हो गए हैं।
शीर्ष न्यायालय में दायर एक हलफनामे में एनबीईएमएस ने कहा कि इस स्तर पर किसी भी तरह का हस्तक्षेप सीधे तौर पर इन उम्मीदवारों को प्रभावित करेगा।
हलफनामे में कहा गया है कि कट-ऑफ कम किए जाने के परिणामस्वरूप 95,913 अतिरिक्त उम्मीदवार अब नीट-पीजी 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने के लिए पात्र हो गए हैं।
यह हलफनामा उस याचिका के जवाब में दाखिल किया गया, जिसमें एनबीईएमएस द्वारा नीट-पीजी 2025-26 के लिए योग्य घोषित करने वाले कट-ऑफ प्रतिशत में भारी कमी किए जाने के फैसले को चुनौती दी गई है।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ ने चार फरवरी को सरकार, एनबीईएमएस, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग और अन्य को नोटिस जारी किए थे।
देश भर में 18,000 से अधिक पीजी चिकित्सा सीटें रिक्त रहने के कारण, बोर्ड ने नीट-पीजी 2025 प्रवेश के लिए अर्हता प्रतिशत को संशोधित किया है, आरक्षित श्रेणियों के लिए इसे 40 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया है, जिससे 800 में से -40 अंक प्राप्त करने वाले भी स्नातकोत्तर चिकित्सा सीटों के लिए काउंस¨लग के तीसरे दौर में भाग ले सकेंगे।