कोलकाता/कूचबिहार(ए)। एसआईआर नीति के खिलाफ 6 मार्च को सीएम ममता धरने पर बैठेंगी। वहीं बंगाल में वोटर लिस्ट से 63 लाख नाम हटने पर सियासी घमासान शुरु हो गया है। भाजपा ने ममता सरकार को घेरा और सवाल खड़े किए। राज्य से जो 63.66 लाख नाम हटाए गए हैं। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया कि इनमें 50 लाख घुसपैठिए थे। उन्होंने ममता सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। फिलहाल 60 लाख अन्य नामों की न्यायिक जांच चल रही है, जिससे चुनावी समीकरण बदल सकते हैं।भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को कूच बिहार में बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट से 50 लाख से ज्यादा घुसपैठियों को बाहर कर दिया गया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब राज्य में अवैध प्रवासियों का समय खत्म हो चुका है।कूच बिहार में पार्टी की परिवर्तन यात्रा को हरी झंडी दिखाते हुए नवीन ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ये घुसपैठिए असली नागरिकों के हक की सरकारी नौकरियों और योजनाओं का फायदा उठा रहे थे। उनके मुताबिक, ये लोग देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा थे। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फर्जी दस्तावेज बनवाने में इन लोगों की मदद की और उन्हें सुरक्षा दी।नितिन नवीन ने टीएमसी पर हमला करते हुए कहा कि ममता बनर्जी इन घुसपैठियों को बचाने के लिए कोर्ट तक गईं, क्योंकि ये उनकी पार्टी का वोट बैंक हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि अब बंगाल को इस भ्रष्ट सरकार से आजाद कराने का समय आ गया है।चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल नवंबर से शुरू हुए सुधार अभियान के बाद वोटरों की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। यह कुल वोटरों का लगभग 8.3 प्रतिशत है। साल 2002 के बाद यह पहली बार है जब 116 दिनों तक इतना सघन अभियान चला।इस प्रक्रिया में 60.06 लाख से ज्यादा वोटरों को ‘अंडर एडज्यूडिकेशन’ यानी जांच के दायरे में रखा गया है। आने वाले हफ्तों में इनकी पात्रता की न्यायिक जांच होगी। इससे पहले 16 दिसंबर को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में मौत, पलायन और डुप्लीकेशन की वजह से 58 लाख नाम हटाए गए थे। इसके बाद सुनवाई और आपत्तियों के निपटारे के दौरान 5.46 लाख नाम और हटाए गए। इस तरह कुल 63.66 लाख नाम लिस्ट से बाहर हुए हैं।
50 लाख घुसपैठियों के नाम काटे गएः नितिन नवीन, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने राज्य सरकार पर साधा निशाना
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