नईदिल्ली(ए)। तमिलनाडु में चुनावी माहौल के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा संदेश देते हुए कहा कि भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन अगर कोई देश या ताकत भारत को छेड़ती है तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने अपने संबोधन में ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए देश की सुरक्षा नीति को साफ शब्दों में सामने रखा। राधापुरम में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत शांति चाहता है, लेकिन अपनी सुरक्षा और संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि हम किसी को छेड़ते नहीं हैं, लेकिन अगर कोई हमें छेड़ता है तो हम उसे छोड़ते भी नहीं हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब देश पहलगाम आतंकी हमले की बरसी के करीब पहुंच रहा है।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
रक्षा मंत्री ने अपने भाषण में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए बताया कि यह भारत की ओर से आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई थी। इस ऑपरेशन के तहत भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकियों के ठिकानों को निशाना बनाया था।
पहलगाम हमले से जुड़ा है यह बयान?
यह बयान उस हमले की बरसी से पहले आया है, जिसमें पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी थी। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था और इसके बाद भारत ने निर्णायक जवाबी कार्रवाई की थी।
किन आतंकी संगठनों को बनाया गया निशाना?
ऑपरेशन के दौरान लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन ठिकानों से भारत के खिलाफ साजिश रची जा रही थी। सेना की इस कार्रवाई ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख को और मजबूत किया।
रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की सेना लगातार मजबूत हो रही है और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। उन्होंने साफ किया कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन अगर कोई खतरा पैदा करता है तो उसका जवाब भी उतनी ही ताकत से दिया जाएगा।
तमिलनाडु में 234 विधानसभा सीटों पर 23 अप्रैल को मतदान होना है और 4 मई को नतीजे आएंगे। ऐसे में रक्षा मंत्री का यह बयान चुनावी माहौल के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को भी केंद्र में ले आया है।