Home छत्तीसगढ़ कांग्रेस का ‘महिला प्रेम’ केवल ढोंग, उनके सांसद महिलाओं का अपमान करते हैं और नेता राजनीति : राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा

कांग्रेस का ‘महिला प्रेम’ केवल ढोंग, उनके सांसद महिलाओं का अपमान करते हैं और नेता राजनीति : राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा

by admin

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी की राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रंजीत रंजन और कांग्रेस की महिला विधायकों द्वारा आयोजित पत्रकार वार्ता को ‘झूठ का पुलिंदा’ और ‘हताशा का प्रतीक’ करार दिया है। श्रीमती वर्मा ने कहा कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर देश को गुमराह करने वाली कांग्रेस आज किस मुंह से महिलाओं के सम्मान की बात कर रही है, जबकि उनके अपने गठबंधन के साथी और सांसद महिलाओं के चरित्र पर शर्मनाक टिप्पणियाँ कर रहे हैं।

भाजपा सांसद श्रीमती वर्मा ने सोशल मीडिया में वायरल एक पोस्टर में कांग्रेस समर्थित सांसद पप्पू यादव द्वारा महिलाओं के चरित्र पर की गई उस टिप्पणी को भी बेहद शर्मनाक और निंदनीय बताकर तीखा प्रहार किया, जिसमें यादव ने कहा कि “90% महिलाओं का राजनीतिक करियर नेताओं के बिस्तरों से शुरू होता है”। श्रीमती वर्मा ने कहा कि यह कांग्रेस की असली मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस की चुप्पी इस बात का प्रमाण है कि वह अपने गठबंधन सहयोगियों के ऐसे नारी-विरोधी बयानों का मौन समर्थन करती है। जिस पार्टी के ‘हाथ’ महिलाओं के चरित्र पर कीचड़ उछालने वालों को संरक्षण दे रह हों, उस पार्टी के लोगों को महिला आरक्षण पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। रंजीत रंजन पहले पप्पू यादव की टिप्पणी के मद्देनजर अपना और कांग्रेस का नजरिया साफ तौर पर देश के सामने रखें और अपनी पार्टी के पुरुष नेताओं को नारी सम्मान का पाठ पढ़ाएँ।

भाजपा सांसद श्रीमती वर्मा ने महिला आरक्षण पर कांग्रेस के दोहरे चरित्र पर जमकर निशाना साधते हुए रंजीत रंजन के आरोपों का खंडन किया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने ‘नारी शक्ति वन्दन अधिनियम’ पारित कर वह ऐतिहासिक काम किया है जो कांग्रेस दशकों तक लटकाती रही। परिसीमन को लेकर कांग्रेस के प्रलाप पर श्रीमती वर्मा ने कहा कि परिसीमन और जनगणना एक संवैधानिक प्रक्रिया है ताकि हर क्षेत्र को उचित प्रतिनिधित्व मिले। कांग्रेस इसे ‘षड्यंत्र’ बताकर दरअसल महिला आरक्षण की प्रक्रिया में अड़ंगा डालना चाहती है। इतिहास गवाह है कि जब-जब महिला आरक्षण की बात आई, कांग्रेस के सहयोगियों ने ही संसद में बिल फाड़े और कांग्रेस मूकदर्शक बनी रही। आज जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इसे कानून बना दिया है, तो श्रेय लेने की होड़ में कांग्रेस अनर्गल प्रलाप कर रही है।

भाजपा सांसद श्रीमती वर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में पाँच साल तक शासन करने वाली कांग्रेस ने महिलाओं को ‘महतारी वंदन’ जैसी योजनाओं से वंचित रखा, शराबबंदी का झूठा वादा कर माताओं-बहनों को ठगा। श्रीमती वर्मा ने स्पष्ट किया कि भाजपा महिला सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है और ‘नारी शक्ति वन्दन अधिनियम’ के माध्यम से महिलाओं को उनका हक मिलकर रहेगा। कांग्रेस अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए संवैधानिक प्रक्रियाओं पर सवाल उठाना बंद करे और देश की आधी आबादी से अपने अपमानजनक बयानों के लिए माफी मांगे।

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