Home छत्तीसगढ़ पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के मध्य समन्वय बैठक : अब मैनुअल त्रुटियों में आएगी कमी और रिपोर्ट तैयार करने में होगी तीव्र गति

पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के मध्य समन्वय बैठक : अब मैनुअल त्रुटियों में आएगी कमी और रिपोर्ट तैयार करने में होगी तीव्र गति

मेडिको -लीगल केस की प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही में लाने हेतु ऑनलाइन MedLEaPR ऐप के संबंध में की गई चर्चा

by admin

सारंगढ़-बिलाईगढ़। भारतीय न्याय संहिता 2023″ में उल्लेखित प्रावधानों के अनुरूप जिले में आपराधिक घटनाओं से संबंधित चिकित्सकीय-कानूनी मामलों(MLC) को कुशलतापूर्वक प्रबंधित करने, ट्रैक करने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के संपूर्ण डिजिटलीकरण को सुनिश्चित करने के संबंध में आज पुलिस अधीक्षक कार्यालय सारंगढ़-बिलाईगढ़ में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तथा पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वाधान में एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नए कानूनों के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर वैज्ञानिक साक्ष्यों को संकलित करना और न्याय प्रणाली को अधिक विश्वसनीय बनाना है।

MedLEaPR एक ऐसी अत्याधुनिक डिजिटल प्रणाली है एमएलसी (MLC) व PM रिपोर्टों को ऑनलाइन बनाने और सुरक्षित रूप से प्रबंधित करने में मदद करती है। इससे चिकित्सा अधिकारी आसानी और स्पष्टता से रिपोर्ट तैयार कर सकते हैं, जिससे अदालती मामलों में साक्ष्यों को समझना और उनका विश्लेषण करना बेहद सरल हो जाएगा और पीड़ितों को न्याय मिलने में भी तेजी आएगी । यह सिंगल-विंडो सिस्टम अस्पतालों, पुलिस, फॉरेंसिक लैब और न्यायपालिका को एक ही सुरक्षित नेटवर्क में जोड़ता है, जिससे महत्वपूर्ण चिकित्सा-विधिक दस्तावेजों के खोने या उनके साथ छेड़छाड़ होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाती है।

जिले में इस सिस्टम के बेहतर और प्रभावी प्रबंधन से एमएलसी रिपोर्टों में शत-प्रतिशत पारदर्शिता और गोपनीयता आएगी। इसके साथ ही पोस्टमार्टम से संबंधित मैनुअल त्रुटियों में कमी आएगी और त्वरित गति से रिपोर्ट तैयार हो सकेगी। इस डिजिटल व्यवस्था से वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किसी भी मामले की लाइव स्थिति की निगरानी भी आसानी से की जा सकती है। सुरक्षा और त्वरित डेटा शेयरिंग को मजबूत करने के लिए इस सॉफ्टवेयर का एकीकरण क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) के साथ भी किया गया है, जिससे थानों और अस्पतालों के बीच का कागजी पत्राचार अब डिजिटल रूप में सुलभ होगा। इस डिजिटल एकीकरण से सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि डॉक्टरों को बार-बार भौतिक रूप से न्यायालय में उपस्थित नहीं होना पड़ेगा, और डिजिटल हस्ताक्षरित रिपोर्ट ही साक्ष्य के रूप में मान्य होगी, जिससे पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया दोनों के समय में भारी बचत होगी।

इस दौरान कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती निमिषा पाण्डेय, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ पुष्पेन्द्र वैष्णव , सिविल सर्जन डॉ दीपक जायसवाल,एसडीओपी सारंगढ़ श्रीमती स्नेहिल साहू, एसडीओपी बिलाईगढ़ श्री विजय कुमार ठाकुर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री संतोषी ग्रेस सहित जिले के समस्त थाना प्रभारी और चिकित्सा अधिकारी मुख्य रूप से मौजूद रहे।

 

Share with your Friends

Related Posts