Home देश-दुनिया PM मोदी 10 मई को जाएंगे आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, ध्यान मंदिर का करेंगे उद्घाटन

PM मोदी 10 मई को जाएंगे आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर, ध्यान मंदिर का करेंगे उद्घाटन

by admin

नईदिल्ली(ए)। पीएम नरेंद्र मोदी 10 मई को बेंगलुरु स्थित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ के अंतरराष्ट्रीय केंद्र में एक ऐतिहासिक आयोजन को संबोधित करने जा रहे हैं। यह गौरवशाली अवसर संस्था के 45 वर्ष पूरे होने और इसके संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर के 70वें जन्मदिवस के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया है। भारत के इस सबसे बड़े और दूरगामी आध्यात्मिक आंदोलन के इस वैश्विक समागम में 182 से अधिक देशों के लाखों प्रतिभागी प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यम से जुड़ेंगे। यह महा-आयोजन राजनेताओं, किसानों, छात्रों, गृहिणियों और कॉर्पोरेट दिग्गजों समेत समाज के हर वर्ग को एक अनूठे मंच पर लाएगा।

इस भव्य समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य वक्तव्य देंगे और नवनिर्मित ‘ध्यान मंदिर’ का उद्घाटन करेंगे, जो ध्यान प्रेमियों के लिए एक विशेष केंद्र होगा। इसके साथ ही, पीएम मोदी राष्ट्रव्यापी स्तर पर कई नई सेवा पहलों का भी शुभारंभ करेंगे। इन पहलों का मुख्य फोकस लोगों के मानसिक स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, प्रकृति के संरक्षण और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने पर होगा। यह आयोजन गुरुदेव के दूरदर्शी नेतृत्व और भारत के सांस्कृतिक ज्ञान के वैश्विक प्रभाव का एक बड़ा उत्सव बनने जा रहा है।

वर्ष 1981 में गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर द्वारा स्थापित ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ आज एक वैश्विक, स्वयंसेवक-आधारित मानवीय संगठन बन चुका है। अपनी ‘सुदर्शन क्रिया’ जैसी प्रभावशाली श्वास तकनीकों के जरिए संस्था ने अब तक दुनिया भर के 100 करोड़ से ज्यादा लोगों के जीवन को नई दिशा दी है। इस महा-आयोजन में कई प्रमुख कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। आयोजन के दौरान शासन, व्यवसाय और कला में नैतिकता पर वैश्विक नेतृत्व संवाद होगा। इसके अलावा, 13 मई 2026 को गुरुदेव के मार्गदर्शन में ‘विश्व शांति हेतु वैश्विक ध्यान’ का भव्य आयोजन किया जाएगा, जिसका पूरी दुनिया में निःशुल्क सीधा प्रसारण होगा। इस दौरान देश के 450 से अधिक जिलों के अनसुने दैनिक नायकों (Unsung Heroes) को भी उनके निस्वार्थ काम के लिए सम्मानित किया जाएगा।

समारोह के दौरान सिर्फ अध्यात्म ही नहीं, बल्कि सामाजिक सुधारों पर भी गहराई से मंथन होगा। विभिन्न क्षेत्रों में अधिक मानवीय व्यवस्थाएं विकसित करने के लिए कई विषयगत गोलमेज चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इसी कड़ी में 25 और 26 मई को ‘बंदी कल्याण और नीतिगत सुधार’ पर एक विशेष चर्चा होगी, जिसमें जेल सुधारों और कैदियों के पुनर्वास में संस्था के सकारात्मक प्रभाव को रेखांकित किया जाएगा। इतना ही नहीं, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सहयोग से ‘बिम्सटेक युवा नेतृत्व आदान-प्रदान’ कार्यक्रम भी होगा, जिसमें सातों बिम्सटेक देशों के युवा नेता विशेष नेतृत्व प्रशिक्षण के लिए बेंगलुरु केंद्र में जुटेंगे।

वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख के बीच यह आयोजन बेहद महत्वपूर्ण है। इस मौके को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग ने लोगों को जागरूकता, करुणा और अपनी जड़ों से जुड़े रहकर कार्य करना सिखाया है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि आज जब पूरी दुनिया चिंता, संघर्ष और विखंडन से जूझ रही है, तो वह समाधान के लिए भारत की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखती है। वहीं, गुरुदेव श्री श्री रवि शंकर ने अपने जीवन के लक्ष्य को साझा करते हुए कहा कि एक स्वस्थ समाज की पहचान हर चेहरे की मुस्कान है और हम पिछले 45 वर्षों से इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं।

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