
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 2,495 पात्र ग्रामीण परिवारों के घरों में व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (आईएचएचएल) निर्माण के लिए 299.40 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। यह पहल ग्रामीण परिवारों को स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मानजनक जीवन की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के साथ ओडीएफ प्लस गांवों के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में स्वीकृत कार्यों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध रूप से पूर्ण कराने की कार्ययोजना तैयार की गई है। योजना के तहत जनपद पंचायत तमनार के 394, खरसिया के 357, घरघोड़ा के 45, पुसौर के 748 तथा धरमजयगढ़ के 951 परिवार लाभान्वित होंगे।
*घर-घर शौचालय से बढ़ेगी स्वच्छता और गरिमा*
व्यक्तिगत घरेलू शौचालय की सुविधा मिलने से ग्रामीण परिवारों को घर पर ही सुरक्षित एवं स्वच्छ शौचालय उपलब्ध होगा। इससे खुले में शौच की प्रवृत्ति को रोकने के साथ महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण सुनिश्चित होगा। स्वच्छता की यह सुविधा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में भी सकारात्मक बदलाव लाएगी।
*जियो-टैगिंग और सत्यापन के बाद डीबीटी से भुगतान*
शौचालय निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों एवं गुणवत्ता मानकों के अनुसार कराया जाएगा। निर्माण पूर्ण होने के बाद प्रत्येक शौचालय की जियो-टैगिंग एवं आवश्यक सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के उपरांत पात्र हितग्राहियों के बैंक खातों में नियमानुसार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा। इससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।
*ओडीएफ प्लस रायगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम*
जिले में 2,495 परिवारों को शौचालय सुविधा मिलने से स्वच्छ एवं स्वस्थ ग्रामों के निर्माण को गति मिलेगी। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को जमीनी स्तर पर प्रभावी बनाने के साथ स्वच्छ, सुंदर एवं ओडीएफ प्लस रायगढ़ के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
जिला प्रशासन द्वारा संबंधित जनपद पंचायतों को स्वीकृत कार्यों में तेजी लाने, पात्र परिवारों को समय पर योजना का लाभ दिलाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता केवल एक अभियान न रहकर प्रत्येक परिवार की दैनिक जीवनशैली का स्थायी हिस्सा बने और लोगों को स्वच्छता के साथ स्वस्थ, सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन का अधिकार मिले।