नई दिल्ली(ए)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की 70वीं वर्षगांठ पर बधाई देते हुए कहा कि बीते एक दशक में बैंक ने जो डिजिटल बदलाव किए हैं, वे ग्राहकों के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हुए हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसबीआई भविष्य में भी नवाचार और सशक्तिकरण के साथ देश की आर्थिक प्रगति में योगदान देता रहेगा, क्योंकि भारत 2047 तक “विकसित राष्ट्र” बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
SBI की भूमिका समाज के हर वर्ग तक
एक्स पर अपनी पोस्ट में वित्त मंत्री ने बताया कि एसबीआई की आज देशभर में 23,000 से अधिक शाखाएं, 78,000 ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) और 64,000 एटीएम हैं, जिससे यह बैंक हर भारतीय के जीवन से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बैंक ने 1.5 करोड़ किसानों, 1.3 करोड़ महिला स्वयं सहायता समूहों, पीएम स्वनिधि के तहत 32 लाख स्ट्रीट वेंडरों, 23 लाख एमएसएमई और लाखों कारीगरों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई है। इसके साथ ही एसबीआई के पास 15 करोड़ से अधिक जनधन खाते, 14.65 करोड़ लोग पीएम सुरक्षा बीमा योजना के तहत, 7 करोड़ पीएम जीवन ज्योति योजना और 1.73 करोड़ लोग अटल पेंशन योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
40 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ेंगे
एसबीआई ने अपनी 70वीं वर्षगांठ के मौके पर यह भी घोषणा की है कि वह वित्त वर्ष 2026-27 तक देश के 40 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना पर काम करेगा, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में भारत के प्रयासों को बल मिलेगा। इस अवसर पर एसबीआई के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी ने कहा कि बैंक का लक्ष्य केवल बड़े पैमाने पर नेतृत्व करना नहीं है, बल्कि उद्देश्य के साथ आगे बढ़ना है, ताकि सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य उत्पन्न किया जा सके और भारत को एक अधिक समावेशी और लचीले भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सके।
देश का सबसे बड़ा बैंक, सबसे बड़ी जिम्मेदारी
66 लाख करोड़ रुपये की बैलेंस शीट और 52 करोड़ से अधिक ग्राहकों के साथ एसबीआई अब अपने आठवें दशक में प्रवेश कर चुका है और स्थिरता, डिजिटल नवाचार और समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रहा है। 1 जुलाई 1955 को स्थापना के बाद से एसबीआई ने भारत की आर्थिक विकास यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, चाहे वह प्रारंभिक बुनियादी ढांचे का निर्माण हो या आज की हरित और डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार।
देश के सबसे बड़े सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के रूप में एसबीआई आज घरेलू बचत से लेकर स्टार्टअप फंडिंग, रणनीतिक बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय रेमिटेंस तक हर क्षेत्र में अहम योगदान दे रहा है। ग्राहक सेवा में उत्कृष्टता को बरकरार रखने के लिए बैंक अपने व्यापार वित्त संचालन को डिजिटलीकरण, मानकीकरण और केंद्रीकरण के ज़रिए आधुनिक बना रहा है। इस दिशा में कोलकाता में शुरू किया गया नया केंद्र देशभर की शाखाओं को तेज़ और सुलभ सेवा प्रदान करेगा।