नई दिल्ली(ए)। कारगिल विजय दिवस के 27वें स्थापना दिवस के मौके पर द्रास स्थित युद्ध स्मारक पहुंचे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान के साथ अब पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के अलावा किसी भी अन्य मुद्दे पर कोई बातचीत नहीं होगी। रक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान ने भारत की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है और उसे हर हाल में यह जमीन खाली करनी होगी। उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए कहा कि इस अभियान ने पूरी दुनिया को दिखा दिया है कि आतंकवाद को पनाह देने वालों और उसमें शामिल लोगों का क्या हश्र होता है।
भारत बनाता है डेटा सेंटर, पाकिस्तान बना रहा ‘कट्टरपंथी सेंटर’
रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान की आतंकी नीतियों पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि आज भारत तेजी से विकास करते हुए आधुनिक ‘डेटा सेंटर’ बना रहा है, जबकि पाकिस्तान अपनी जमीन पर केवल ‘कट्टरपंथी सेंटर’ विकसित करने में लगा हुआ है। उन्होंने दुश्मन देश को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि भारत के खिलाफ पाकिस्तान की किसी भी गलत हरकत या दुस्साहस का ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा, जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत अपनी संप्रभुता और सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
‘भारत माता के मुकुट में जड़े हीरे के समान है कारगिल विजय’
कारगिल युद्ध के 27 वर्ष पूरे होने पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि 1999 की यह ऐतिहासिक विजय भारत माता के मुकुट में जड़े एक अनमोल हीरे के समान है। उन्होंने कहा कि बर्फ से ढकी ऊंची चोटियों पर विपरीत परिस्थितियों और दुश्मन की लगातार गोलीबारी के बावजूद हमारे जांबाज सैनिकों ने जो अदम्य साहस दिखाया, वह अविस्मरणीय है। राजनाथ सिंह ने कहा कि आने वाली कई पीढ़ियां कारगिल के इन अमर नायकों की वीरता और बलिदान की गाथाओं से हमेशा प्रेरणा लेती रहेंगी।
हेलीकॉप्टरों से पुष्पवर्षा और ‘शौर्य संध्या’ में परिजनों को सौंपा कलश
इससे पहले लद्दाख के उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना, थल सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, उत्तरी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और सेना के अन्य शीर्ष अधिकारियों ने युद्ध स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को नमन किया। इस दौरान भारतीय सेना के तीन हेलीकॉप्टरों (एक उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर और दो चीतल) ने आसमान में ‘एरोहेड’ (तीर के आकार) की संरचना में उड़ान भरते हुए युद्ध स्मारक पर भव्य पुष्पवर्षा की। शनिवार शाम को द्रास में भारी बारिश के बीच भारतीय सेना द्वारा ‘शौर्य संध्या’ का भी आयोजन किया गया, जिसमें रक्षा मंत्री ने हिस्सा लिया और कारगिल युद्ध में सर्वोच्च बलिदान देने वाले कुछ वीर सैनिकों के परिजनों को सम्मानपूर्वक प्रतीकात्मक ‘कलश’ सौंपा।