रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार और लोगों के जीवन स्तर में सुधार के लिए लगातार कार्य कर रही है। इसी क्रम में गरियाबंद जिले के देवभोग विकासखंड के दूरस्थ एवं विशेष पिछड़े क्षेत्र सुपेबेड़ा तथा आसपास के गांवों के लिए बहुप्रतीक्षित जल प्रदाय योजना तेजी से पूरी की जा रही है।
80 प्रतिशत कार्य पूरा, जुलाई तक मिलेगी बड़ी सौगात
सुपेबेड़ा जल प्रदाय योजना के लिए 10 करोड़ 34 लाख 32 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। योजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को 5 जुलाई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 30 जून से योजना की टेस्टिंग शुरू होने की संभावना है।
9 गांवों के 2,074 परिवारों को मिलेगा लाभ
इस महत्वाकांक्षी योजना के पूरा होने पर सुपेबेड़ा, सागुनबाड़ी, मोटरापारा, निष्ठीगुड़ा, सेंधमुड़ा, खोकसरा, खम्हारगुड़ा, परवापाली और ठिरलीगुड़ा सहित कुल 9 गांवों के 2 हजार 074 परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
आधुनिक जल संरचना से पहुंचेगा शुद्ध पानी
योजना के तहत सेंधमुड़ा घाट क्षेत्र में तेल नदी पर इंटेकवेल का निर्माण किया जा रहा है। सुपेबेड़ा में 75 हजार लीटर क्षमता का उच्च स्तरीय जलागार (ओवरहेड टैंक) बनकर तैयार हो चुका है, जबकि जल शोधन संयंत्र का कार्य अंतिम चरण में है। यहां से शुद्ध किए गए पानी को पाइपलाइन के माध्यम से विभिन्न गांवों में निर्मित जल टंकियों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद प्रत्येक घर तक नल कनेक्शन के जरिए स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
पेयजल समस्या का होगा स्थायी समाधान
योजना के पूर्ण होने से क्षेत्र की वर्षों पुरानी पेयजल समस्या का स्थायी समाधान होगा। ग्रामीणों को दूर-दूर से पानी लाने की परेशानी से राहत मिलेगी और स्वच्छ पेयजल मिलने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी।
जल संरक्षण को भी मिलेगी मजबूती
गरियाबंद में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुपेबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों में जल उपलब्धता को और मजबूत बनाने के लिए 7 करोड़ रुपये की लागत से एनीकट निर्माण की स्वीकृति भी दी है। इससे जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और पेयजल स्रोतों की स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
सुपेबेड़ा जल प्रदाय योजना केवल पेयजल उपलब्ध कराने की योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीणों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम से राहत मिलेगी तथा क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।
जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित यह योजना राज्य सरकार की जनहितैषी और संवेदनशील सोच का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके पूरा होने से देवभोग विकासखंड के हजारों ग्रामीणों के जीवन में सकारात्मक और स्थायी बदलाव आएगा।