
मुंबई(ए)। मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बता दें कि, इसमें शामिल आरोपी राज्य के पुणे जिले का ही निवासी है। मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के बारे में सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने के आरोपी को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि उसके खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। बता दें कि, इसमें शामिल आरोपी राज्य के पुणे जिले का ही निवासी है।
जानकारी के मुताबिक, साइबर पुलिस ने भाजपा नेता योजना थोकले की शिकायत पर धर्म, जाति आदि के आधार पर कई समूहों के बीच दुश्मनी, घृणा या दुर्भावना की भावनाओं को बढ़ावा देने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत संतोष दारेकर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत काले ने शनिवार को आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत की तरफ से दिए गए आदेश की प्रति सोमवार को मिली, जिसमें कहा गया है कि मामले की जांच जारी है और आरोपी ने यह दलील दी कि उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- आरोपी ने कहा- उसे फंसाया गया है
अदालत ने कहा, ‘आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया मामला बनता है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।’ वहीं आरोपी संतोष दारेकर ने अपनी याचिका में जमानत का अनुरोध करते हुए दावा किया कि उन्हें इस मामले में फंसाया गया है। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने संतोष दारेकर की याचिका का विरोध किया और कहा कि आरोपी ने प्रथम दृष्टया कथित अपराध किया है और उसका मोबाइल फोन (पोस्ट साझा करने के लिए इस्तेमाल किया गया) जब्त किया जाना चाहिए।