
नईदिल्ली(ए)। शीना बोरा मर्डर केस में मंगलवार को एक बड़ा और नया मोड़ तब सामने आया जब इंद्राणी मुखर्जी की बेटी विधि मुखर्जी ने कोर्ट में गवाही दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीबीआई की चार्जशीट में जो उनका बयान दर्ज है, वह झूठा, मनगढ़ंत और फर्जी है। विधि ने कहा कि उन्होंने कभी भी सीबीआई या पुलिस के सामने कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया, सिर्फ सवालों के जवाब दिए। उन्होंने दावा किया कि उनसे जबरन कुछ कागजों, ईमेल कॉपी और खाली पन्नों पर साइन करवाए गए। बता दें कि विधि मुखर्जी, इंद्राणी मुखर्जी और उनके पहले पति संजीव खन्ना की बेटी हैं। इंद्राणी पर उनके बड़ी बेटी शीना बोरा की हत्या का आरोप है। विधि ने कोर्ट में कहा कि उनकी मां इंद्राणी को फंसाने की साजिश की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पीटर मुखर्जी के बेटे राहुल और राबिन ने उनकी मां के करोड़ों रुपये के जेवरात और सात करोड़ रुपये कैश चुरा लिए। इस चोरी को छिपाने और संपत्ति पर कब्जे के लिए उन्होंने इंद्राणी को झूठे केस में फंसा दिया।
विधि ने बताया कैसे बिगड़ा इंद्राणी और शीना का रिश्चता
विधि ने यह भी बताया कि शीना बोरा ने खुद को इंद्राणी की बहन बताया था, जबकि वह असल में उनकी बेटी थीं। उन्होंने बताया कि इंद्राणी और शीना के बीच रिश्ते तब बिगड़े जब राहुल मुखर्जी उनके घर आने लगा और बाद में ड्रग्स लेने की बात सामने आई।
इसके साथ ही विधि ने आरोप लगाया कि इंद्राणी की गिरफ्तारी के बाद पीटर मुखर्जी के परिवारवालों ने उनके घर की चीजों पर कब्जा कर लिया और यहां तक कि उनके परफ्यूम और बैग्स तक को आपस में बांट लिया। उन्होंने यह भी कहा कि राबिन ने उन्हें धमकाया था कि अगर वह अपनी मां का साथ देंगी, तो उन्हें परिवार की संपत्ति से बेदखल कर दिया जाएगा।
क्या है सीबीआई का दावा, समझिए
गौरतलब है कि मामले में सीबीआई का दावा है कि 2012 में इंद्राणी, उनके ड्राइवर श्यामवर राय और उनके पहले पति संजीव खन्ना ने मिलकर शीना बोरा की गला घोंटकर हत्या की थी और शव को रायगढ़ के जंगल में जला दिया था। 2015 में ड्राइवर की गिरफ्तारी के बाद यह मामला सामने आया।कोर्ट में उनकी गवाही बुधवार को भी जारी रहेगी।