Home देश-दुनिया लोक अदालत ने करोड़ों मामलों का किया निपटारा, NALSA ने कहा- जनता को मिली परिवर्तनकारी राहत

लोक अदालत ने करोड़ों मामलों का किया निपटारा, NALSA ने कहा- जनता को मिली परिवर्तनकारी राहत

by admin

नईदिल्ली(ए)। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की ओर से शनिवार को देशभर में 2025 की तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम 29 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों की तहसील, जिला और उच्च न्यायालयों में एक साथ हुआ। इस लोक अदालत का मकसद जनता को तेज, सुलभ और किफायती न्याय दिलाना रहा। हजारों बेंच एक साथ बैठीं और लाखों लोग अपने विवादों के समाधान के लिए पहुंचे। नालसा की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक शाम 6:30 बजे तक कुल 2,42,55,036 मामलों का निपटारा हुआ। इनमें 2,10,44,809 प्री-लिटिगेशन मामले और 32,10,227 लंबित मामले शामिल रहे। इन मामलों का कुल निपटारा मूल्य 7,817.62 करोड़ रुपये से अधिक रहा। यह आंकड़ा दर्शाता है कि लोक अदालत न्यायिक बोझ कम करने के साथ ही जनता को बड़ी राहत दे रही है।

विभिन्न प्रकार के विवादों का समाधान
लोक अदालत में आपराधिक समझौता योग्य मामले, प्ली बार्गेनिंग, राजस्व और बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना मुआवजा, चेक बाउंस, श्रम और रोजगार विवाद, वैवाहिक विवाद (तलाक छोड़कर), भूमि अधिग्रहण संदर्भ, उपभोक्ता मामले, बौद्धिक संपदा विवाद, बिजली-पानी बिल, ट्रैफिक चालान और अन्य दीवानी मामले शामिल रहे। इससे लोगों को वर्षों से लंबित विवादों से छुटकारा मिला।

जनता को ‘परिवर्तनकारी’ राहत
नालसा ने कहा कि इस लोक अदालत ने लोगों को “परिवर्तनकारी राहत” दी है। जहां पहले विवाद वर्षों तक अदालतों में अटके रहते थे, वहीं अब तेजी से और सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटान हो रहा है। यह लोक अदालत जनता में वैकल्पिक विवाद समाधान (एडीआर) की स्वीकार्यता और भरोसा बढ़ाने का काम कर रही है।

संवाद और समझौते की संस्कृति
नालसा के मुताबिक इस लोक अदालत की असली सफलता सिर्फ आंकड़ों में नहीं, बल्कि इस बात में है कि जनता ने विवाद समाधान के वैकल्पिक रास्तों पर भरोसा जताया है। पारिवारिक झगड़ों से लेकर व्यावसायिक विवादों तक, समझौतों ने यह साबित किया कि न्याय केवल तेज ही नहीं, बल्कि सौहार्दपूर्ण भी हो सकता है।

अदालतों से नागरिकों को मिली राहत
हजारों बेंचों के एक साथ चलने से लाखों लोग राहत महसूस कर रहे हैं। न्यायपालिका पर बोझ कम हुआ है और नागरिकों को महंगे और लंबे मुकदमों से बचाव मिला है। लोक अदालत का उद्देश्य यही है कि हर वर्ग का नागरिक अपने विवाद का समाधान जल्द और सुलभ तरीके से पा सके।

Share with your Friends

Related Posts