Home देश-दुनिया स्वच्छता ही सेवा : स्वच्छता के लिए केरल की पहल से सबक सीख सकते हैं उत्तर भारत के शहर, गंदगी फैलाने वालों पर हो कार्रवाई

स्वच्छता ही सेवा : स्वच्छता के लिए केरल की पहल से सबक सीख सकते हैं उत्तर भारत के शहर, गंदगी फैलाने वालों पर हो कार्रवाई

by admin

नई दिल्ली(ए)। केरल ने स्वच्छता की एक ऐसी सख्त पहल की है जिससे लोग गंदगी फैलाने से अब डरने लगे हैं। राज्य के स्थानीय स्वशासन विभाग (एलएसजीडी) ने लागों से प्रेरित किया कि वे गंदगी दिखने पर इसकी जानकारी वाट्सएप के जरिये दें। इस शिकायतों के आधार पर गंदगी फैलाने वालों पर कार्रवाई की गई।

जनता के सहयोग से यह पहल काफी कारगर रही

इतना ही नहीं गंदगी की सूचना देने वालों को पुरस्कृत भी किया गया। जनता के सहयोग से यह पहल काफी कारगर रही। राज्य के शहर अब साफ सुथरे दिखने लगे हैं। केरल की इस पहल से उत्तर भारत के शहर भी सीख सकते हैं।

हालांकि इंदौर देश का सबसे स्वच्छ शहर है, लेकिन कई उत्तर भारतीय शहर तमाम प्रयासों के बावजूद साफ सफाई के मामले में पिछड़े हुए हैं। यह उम्मीद की जा सकती है कि केरल का माडल उत्तर भारत में भी कारगर हो सकता है।

वाट्सएप पर टोल फ्री नंबर के जरिये जनता को जानकारी दी गई

वाट्सएप पर टोल फ्री नंबर के जरिये जनता को जानकारी देने के लिए प्रोत्साहित करने की एलएसजीडी की पहल ने सार्वजनिक सतर्कता और कचरा प्रबंधन गतिविधियों की निगरानी को बढ़ावा दिया। विभिन्न स्थानों पर कचरा डालने की प्रमाण के साथ सूचना देने वालों को पुरस्कृत भी किया गया। कुल 1,29,750 रुपये के पुरस्कार दिए गए।

कहीं गंदगी दिखने पर लोगों ने वाट्सएप नंबर पर भेजीं तस्वीरें

कहीं भी गंदगी दिखने पर लोगों ने एक वर्ष तक वाट्सएप नंबर पर तस्वीरें भेजीं। इन तस्वीरों के आधार पर सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने वालों पर कुल 61,47,550 रुपये का जुर्माना लगाया गया। प्रेट्र के अनुसार 63 घटनाओं में अभियोजन कार्यवाही शुरू की गई है।

पिछले एक साल में कचरा फेंकने के लिए लगाया गया कुल जुर्माना 11.01 करोड़ रुपये है। इनमें से 5.58 प्रतिशत वाट्सएप नंबर पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर लगाया गया। एलएसजीडी मंत्री एमबी राजेश ने कचरा डालने की घटनाओं की सूचना देने वालों को बधाई दी है।

कुल 12,265 शिकायतों में से 7912 शिकायतों को स्वीकारा

वाट्सएप नंबर के माध्यम से प्राप्त कुल 12,265 शिकायतों में से, सटीक जानकारी के साथ की गई 7912 शिकायतों को स्वीकार कर लिया गया। इनमें से 7,362 शिकायतों पर कार्रवाई की गई है। वाट्सएप के माध्यम से सबसे अधिक 2,100 शिकायतें तिरुअनंतपुरम में रिपोर्ट की गई। एर्नाकुलम में 2028 शिकायतें दर्ज की गईं। वायनाड जिले से सबसे कम 155 शिकायतें मिलीं।

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