35

नई दिल्ली(ए)। राष्ट्रीय स्वंयसेवल संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने भारत में ‘सनातन’ दृष्टिकोण को अपनाने की बात पर जोर दिया। उन्होंने रविवार को कहा कि भारत को अपनी वर्तमान स्थिति से उबरने के लिए जो जरूरी हो, वह कदम उठाने चाहिए, लेकिन इसे ‘सनातन’ दृष्टिकोण अपनाते हुए अपने विकास और प्रगति का मार्ग स्वयं तय करना चाहिए। उनका यह बयान अमेरिका के व्यापार शुल्क और आव्रजन नीतियों पर आधारित था।