Home देश-दुनिया क्रिटिकल मिनरल्स और एआई में कनाडा करेगा भारत को सहयोग, व्यापारिक संबंध सुधारने पर जोर

क्रिटिकल मिनरल्स और एआई में कनाडा करेगा भारत को सहयोग, व्यापारिक संबंध सुधारने पर जोर

by admin

नईदिल्ली(ए)। जस्टिन ट्रूडो युग को पीछे छोड़ते हुए भारत और कनाडा ने संबंध सुधारने की दिशा में मजबूती से कदम उठाना शुरू कर दिया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने संकेत दिया है कि कनाडा भारत को एआई, महत्त्वपूर्ण वस्तुओं के व्यापार के साथ-साथ क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में भी सहयोग करेगा। चीन के भारत से सुधरते संबंधों के बाद भी क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर चीन के रुख ने विश्व समुदाय में चिंता पैदा की है। माना जा रहा है कि क्रिटिकल मिनरल्स के मामले में भारत कनाडा को एक विकल्प के तौर पर रखकर आगे बढ़ रहा है।

भारत यात्रा पर आई कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने सोमवार सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की थी। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं में आपसी संबंधों को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि भारत कनाडा को एक सहयोगी देश के तौर पर देख रहा है और उसके साथ महत्त्वपूर्ण सेक्टरों में आपसी निवेश और विश्वास को बढ़ाने पर काम कर रहा है।

पद संभालने के बाद पहली बार भारत आई अनीता आनंद
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंंद ने कुछ ही दिनों पहले अपना पदभार संभाला है। पदभार संभालने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा है। लेकिन अनीता आनंद की यह भारत यात्रा इस अर्थ में बेहद महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है कि इसके ठीक पहले भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल ने कनाडा के एनएसए से मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों देशों के व्यापार और वाणिज्य मंत्रियों की भी मुलाकात हुई है। कई स्तर की मुलाकातों के बाद अब अनीता आनंद के भारत दौरे को दोनों देशों के बीच अहम समझौतों की दिशा में आगे बढ़ने से जोड़कर देखा जा रहा है।

एस जयशंकर ने संबंधों पर साफ किया रुख
एस जयशंकर ने सोमवार सुबह अनीता आनंद के भारत यात्रा के संदर्भ में कहा कि पीएम मोदी की कनाडाई पीएम से मुलाकात के बाद से ही यह साफ हो गया है कि भारत एक सकारात्मक माहौल में आगे बढ़ना चाहता है और वह कनाडा को एक सकारात्मक सहयोगी के तौर पर देख रहा है। उन्होंने कहा कि दोनों देश जी20 के साथ-साथ दुनिया के कई प्रभावशाली मंचों पर साथ-साथ काम कर रहे हैं। ऐसे में दोनों देशों का आपस में बेहतर समन्वय दुनिया को शांति और स्थिरता की ओर ले जाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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