नईदिल्ली(ए)। सोमवार को लाल किला के सामने हुए धमाके की जांच एनआईए करेगी। गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में दिल्ली पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस की ओर से पेश विस्तृत रिपोर्ट के बाद धमाके को आतंकी कृत्य मानते हुए एनआइए को जांच सौंप दिया गया। बैठक के बाद इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि ‘इस कृत्य में शामिल हर व्यक्ति हमारी एजेंसियों के कहर का सामना करेगा।’ सोमवार को देर रात घायलों से मुलाकात करने के बाद अमित शाह ने मंगलवार पूरे मामले की समीक्षा और तेजी से जांच सुनिश्चित करने के लिए दो उच्च स्तरीय बैठक की। सुबह 11 बजे पहली बैठक में गृह सचिव गोविंद मोहन, खुफिया ब्यूरो के निदेशक तपन डेका, दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा, एनआइए के महानिदेशक सदानंद वसंत दवे समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। वहीं जम्मू-कश्मीर के डीजीपी नलिन प्रभात वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े थे।
दिल्ली पुलिस आयुक्त ने सोमवार के धमाके और उसकी जांच की विस्तृत रिपोर्ट दी, वहीं नलिन प्रभात ने पूरे माड्यूल और अब तक की जांच में मिले तथ्यों से अवगत कराया। जम्मू-कश्मीर, उत्तरप्रदेश, हरियाणा और दिल्ली जैसे कई राज्यों में फैले नेटवर्क और उसके खतरनाक मंसूबे को देखते हुए पूरे मामले की जांच एनआइए से कराने का फैसला लिया गया। बाद में अमित शाह ने तीन बजे एनआइए, एनएसजी और एफएसएल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अलग से बैठक की।
इस बैठक में शाह ने एफएसएल के अधिकारियों को विस्फोट में इस्तेमाल की गई कार से मिले सभी सैंपल की गहराई और तेजी से जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। उन्होंने साफ किया कि कार में बैठने वाले व्यक्तियों के सैंपल का भी मिलान किया जाना चाहिए। ध्यान देने की बात है कि हरियाणा से दिल्ली में प्रवेश करते समय सीसीटीवी फूटेज में कार में तीन लोग बैठे दिखे थे, लेकिन विस्फोट के समय आतंकी उमर नबी अकेला था।
शाह ने विस्तृत रिपोर्ट जल्द देने को कहा
सैंपल के मिलान से बीच में उतर गए दो साथियों की पहचान सुनिश्चित होने के साथ उनके खिलाफ पुख्ता सबूत भी साबित होगा। इसके साथ ही अमित शाह ने एनएसजी को इस्तेमाल विस्फोटक के बारे में विस्तृत रिपोर्ट जल्द देने को कहा। एनआइए को जांच में बेतरीन अधिकारियों के लगाकार जल्द-जल्द माड्यूल में शामिल सभी दोषियों को दबोचने के निर्देश दिये। इनमें माड्यूल से जुड़े आतंकियों, उनके मददगारों से लेकर हथियार और विस्फोटक सप्लाई करने वाले भी शामिल हैं।
उन्होंने एनआइए को माड्यूल से जुड़े हर कड़ी की पहचान करने और उनके खिलाफ ठोस सबूत इकट्ठा करने और सजा सुनिश्चित कराने को कहा। ध्यान देने की बात है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने श्रीनगर में जैश ए मोहम्मद के तीन पोस्टरों से इसकी जांच शुरू की थी, जो 3000 किलोग्राम विस्फोटक, 20 डिटोनेटर, 20 टाइमर और एके-47, एक-56 जैसे हथियारों की बरामदगी तक पहुंच गई।