नईदिल्ली(ए)। देशभर में E20 इथेनोल-ब्लेंडेड पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चर्चा चल रही है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया पर E20 इथेनोल से जुड़ी अफवाहों पर अपनी बात रखी। हरदीप सिंह पुरी ने इस फ्यूल के इस्तेमाल के लिए बनी गाड़ियों में इसकी परफॉर्मेंस को लेकर जताई जा रही चिंताओं को लेकर कहा कि इन सभी बातों का कोई सबूत नहीं है।
E20 पर पेट्रोलियम मंत्री ने दी सफाई
सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर बहस छिड़ी हुई है। ग्राहक गाड़ियों का माइलेज कम होने और इंजन खराब होने का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही, ऐसी अटकलें भी हैं कि सरकार जल्द ही इथेनोल मिलाने का लेवल 20 प्रतिशत से ज्यादा कर सकती है। पत्रकारों से बात करते हुए पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि E20 को लेकर जताई जा रही चिंताएं सबूतों पर नहीं, बल्कि गलत जानकारी पर आधारित हैं।
हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘यह एक गलतफहमी है और मैं इससे कड़े शब्दों का इस्तेमाल नहीं करना चाहता। सड़कों पर 20 करोड़ दो-पहिया वाहन और 20 लाख चार-पहिया वाहन हैं जो इस फ्यूल का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियां और इन गाड़ियों की सर्विस करने वाले लोग, सभी कहते हैं कि कोई दिक्कत नहीं है। अचानक यह दिलचस्पी क्यों?’ पुरी ने कहा, ‘हम पिछले साढ़े तीन साल से E15 का इस्तेमाल कर रहे हैं। हम पिछले साल अप्रैल से E20 का इस्तेमाल कर रहे हैं। अप्रैल 2025 से अप्रैल 2026 तक, एक साल बीत चुका है और अब हम उससे भी पांच महीने आगे निकल चुके हैं।’
क्या पेट्रोल में मिला जाएगा ज्यादा एथेनोल?
पेट्रोलियम मंत्री ने उन अटकलों पर भी बात की जिनमें कहा जा रहा था कि सरकार ज्यादा इथेनोल वाले पेट्रोल को लाने की तैयारी कर रही है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा, ‘अगर कोई E25 का सुझाव दे रहा है तो हमने साफ कर दिया है कि हम टेस्टिंग कर रहे हैं। उन टेस्ट में समय लगेगा। जब रिपोर्ट मिल जाएगी, तो हम उनका मूल्यांकन करेंगे। फिर हम स्टेकहोल्डर्स और ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियों के साथ नतीजों पर चर्चा करेंगे।’ पुरी ने आगे कहा, ‘आखिरकार, न तो मैं कारें बनाता हूं और न ही ईंधन। कार बनाने वाली कंपनियां E20 को लेकर सहज हैं। उनमें से हर एक ने इस बारे में बयान दिया है। ग्राहक भी इस प्रोडक्ट को पसंद करते हैं।’
एक भी कार का नाम बताएं जिसमें समस्या आई हो: गडकरी
इस बीच केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगर E20 पेट्रोल से किसी कार में खराबी आई है तो लोग ऐसी सिर्फ एक कार का नाम बता दें। उनका कहना है कि अब तक E20 पेट्रोल के कारण किसी वाहन में तकनीकी समस्या का कोई प्रमाण सामने नहीं आया है। गडकरी ने कहा कि भारत को पेट्रोल और डीजल जैसे जीवाश्म ईंधनों पर अपनी निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने बताया कि देश हर साल कच्चा तेल आयात करने पर करीब 22 लाख करोड़ रुपये खर्च करता है। अगर एथनॉल जैसे वैकल्पिक ईंधनों का ज्यादा इस्तेमाल होगा तो न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण भी कम होगा। गडकरी ने कहा कि E20 पेट्रोल को लेकर कई तरह की गलत बातें फैलाई जा रही हैं। उनके मुताबिक कुछ लोग जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।