
बंगलूरू(ए)। कर्नाटक में सीएम पद को लेकर तेज होती अटकलों के बीच उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि किसी समूह का हिस्सा बनना उनकी फितरत में नहीं है और सभी 140 विधायक उनके लिए समान हैं। शिवकुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरकार और कैबिनेट में फेरबदल का फैसला किया है, इसलिए सभी मंत्री बनने के इच्छुक हैं। ऐसे में यह स्वाभाविक है कि वे दिल्ली जाकर नेताओं से मिलें। डीके शिवकुमार ने यह भी कहा कि कुछ विधायक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और मुख्यमंत्री से मिले हैं। यह उनकी स्वेच्छा है और उन्होंने अपनी उपस्थिति दिखाने और जिम्मेदारी लेने की कोशिश की। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाएं नई नहीं हैं और पिछले 2.5 साल से बैठकें होती रही हैं। सभी विधायकों को मंत्री बनने का हक है और मुख्यमंत्री अपनी पांच साल की अवधि पूरी करेंगे, जिसमें सभी उनके साथ काम करेंगे।
कांग्रेस विधायकों का खरगे से मुलाकात
बता दें कि कर्नाटक कांग्रेस में सीएम पद को लेकर चर्चा फिर शुरू तब हो गया जब उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कथित असंतोष की चर्चाओं के बीच कुछ कांग्रेस विधायकों ने बीते गुरुवार रात दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की, जिसके बाद सियासी तापमान और बढ़ गया है। दूसरी तरफ इस मामले में अब कर्नाटक भाजपा ने भी चुटकी लेनी शुरू कर दी।
इसके बाद हबल्ली में भाजपा नेता महेश तेंगनकाई ने इस मामले में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस का अंदरूनी मामला है, लेकिन मीडिया में जो दिख रहा है उससे लगता है कि पार्टी में बड़ी समस्या खड़ी होने वाली है। उन्होंने दावा किया कि नवंबर अंत तक कांग्रेस में भारी बवाल हो सकता है।