Home देश-दुनिया असमंजस में CAPF के 450 भावी सहायक कमांडेंट, मेडिकल परीक्षण के 246 दिन बाद भी नहीं मिली फोर्स

असमंजस में CAPF के 450 भावी सहायक कमांडेंट, मेडिकल परीक्षण के 246 दिन बाद भी नहीं मिली फोर्स

by admin

नई दिल्ली(ए)। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में सहायक कमांडेंट यानी ‘ग्राउंड कमांडर’ की भर्ती प्रक्रिया, यूपीएससी की तरफ से पूरी हो चुकी है, मगर केंद्रीय गृह मंत्रालय से 450 युवाओं को फोर्स एलोकेशन नहीं हुआ है। जब युवाओं को यह नहीं पता कि वे कौन से केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीएपीएफ’ का हिस्सा बनेंगे तो उनकी ट्रेनिंग भी शुरु नहीं हो पा रही है। यूपीएससी की परीक्षा पास कर चुके युवाओं का कहना है कि उनका मेडिकल हुए 246 दिन हो चुके हैं। फोर्स एलोकेशन में देरी से उन्हें आर्थिक नुकसान तो हो ही रहा है, साथ ही भविष्य में प्रतिनियुक्ति के अवसरों का कम होना, हार्ड पोस्टिंग के दौरान बेहतर करना व समय रहते विवाह न होना और दूसरी कई दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यूपीएससी से पास आउट युवाओं का कहना है कि पिछले साल 13 जून को रिजल्ट आया था। सामान्य तौर पर फोर्स एलोकेशन होने में लगभग तीन माह लगते हैं। कई वर्षों से ऐसा ही ट्रेंड सामने आया है। यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2021 का फाइनल रिजल्ट 2 जून 2023 को घोषित हुआ था। फोर्स आवंटन की प्रक्रिया 6 सितंबर 2023 तक पूरी हो गई। यानी इसमें 96 दिन लगे। यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2022 का फाइनल रिजल्ट 7 अगस्त 2023 को घोषित किया गया। इसके बाद 22 सितंबर 2023 को फोर्स आवंटन हो गया। इस प्रक्रिया में 46 दिन लगे।

यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2023 का फाइनल रिजल्ट 5 जुलाई 2024 को घोषित हुआ  था। फोर्स आवंटन 26 सितंबर 2024 को हुआ। इसमें 83 दिन लगे। यूपीएससी सीएपीएफ सहायक कमांडेंट 2024 का फाइनल रिजल्ट 13 जुलाई 2025 को घोषित हुआ था। अभी तक फोर्स आवंटन नहीं हो सका है। युवाओं का कहना है कि उन्हें ज्यादा कुछ नहीं बताया जा रहा। इस बार नोडल एजेंसी आईटीबीपी है। जब वहां पूछते हैं तो बताया जाता है कि गृह मंत्रालय से आदेश नहीं आया है। जैसे ही आदेश आएगा, हम फोर्स एलोकेशन कर देंगे।

युवाओं ने यह भी पता लगाया है कि एसएसबी की अकादमी खाली है। वहां पर पासिंग आउट परेड हो चुकी है। बीएसएफ के सहायक कमांडेंट की पीओपी भी हो गई है। सीआरपीएफ की पीओपी अगले माह संभावित है। युवाओं ने बताया कि फोर्स एलोकेशन होने के बाद यूपीएससी, रिजर्व लिस्ट जारी करती है। लगभग पांच सौ पदों के लिए चार अगस्त 2024 को एग्जाम हुआ था। 450 पदों के लिए रिजल्ट आ चुका है। बाकी नामों की घोषणा, रिजर्व लिस्ट में की जाएगी। उक्त भर्ती प्रक्रिया के तहत पास हुए युवाओं का मेडिकल दिसंबर 2024 में हुआ था। युवाओं का कहना है कि सौ के बाद वाले रैंक वालों को यह पता नहीं होता कि उन्हें कौन सी फोर्स मिलेगी। यूपीएससी में भी बातचीत करने का प्रयास किया गया, लेकिन कोई सटीक जवाब नहीं मिला।

भर्ती में हो रही लेटलतीफी से भावी ग्राउंड कमांडरों का हौसला कमजोर पड़ रहा है। यूपीएससी की परीक्षा पास करने के बाद युवाओं को 246 दिन बाद भी वर्दी नहीं मिल रही। इसका विपरित असर ट्रेनिंग, पोस्टिंग व पदोन्नति सहित करियर से जुड़ी कई बातों पर पड़ता है। युवाओं के अनुसार, चूंकि ग्राउंड कमांडर से सीएपीएफ में शुरुआत होना, अपने आप में गौरव की बात है। इस पद के लिए युवा, देश सेवा का जुनून लेकर आते हैं। वे भावनाओं के साथ सीएपीएफ से जुड़ जाते हैं। यही वजह है कि वे किसी दूसरे क्षेत्र में जाने के लिए नहीं सोचते।

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